फिर एक नया साल

लो फिर एक नया साल आ गया

पिछला कसे गुजरा पता नहीं चला।

आता है हर बार नया साल उम्मीदें लेकर

फिर चला जाता है यादें देकर।

कुछ खट्टा कुछ मीठा होता है ये हर बार

रहेगा कुछ ऐसा ही फिर इस बार।

हर कोई होता है हर्षित इस दिन

हाथ में 365 कोरे कागज लेकर।

भरना है हर एक हर दिन

कुछ काम कर, कुछ नाम कर।

सबसे अच्छी बात है कि नया साल

आता है आशा की किरण लेकर।

यही ऊर्जा फिर खर्च होती है साल भर

फिर पूरा होता है साल, नये साल पर।

यही चक्र चलता रहता है

साल दर साल बस। Copyright © Rachana Dhaka

Published by Rachana Dhaka

I am a law student, a resilient defender of Human Rights, a nomad who loves to know about different cultures and connect them for the better future of mankind and loves to talk to people through poetry or with some write ups. And best of all i love to motivate people and spread happiness around :)

8 thoughts on “फिर एक नया साल

  1. Wishing you a very happy New year 2020 🎉🎉🎉
    Bahut hi sundar rachna… Apke is kavita ko padhkar mujhe ye panktiyan yaad ayi..
    ” दीवार ए ज़िन्दगी से एक ईंट कम हो गई,
    और लोग कहते हैं नया साल मुबारक हो।”

    Liked by 1 person

  2. मैं आपको नए साल की शुभकामनाएं देता हूं। उनकी कविता आशावाद से भरी है और अगर वह खुशी कहते हैं, तो मुझे उम्मीद है कि यह वर्ष 2020 के हर दिन की तरह होगा। मुझे उनकी कविता पसंद आई।

    Liked by 1 person

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