एक भाई ऐसा भी… Story of a brother who is always there for those who need him… Rajesh Mangawa from Sikar Rajasthan

बहुत हुयी देश दुनिया की बातें. चलो आज बात करते हैं अपने सीकर की.ये है भारत देश के राजस्थान राज्य का एक जिला, जो शिक्षा और संसाधनों में अग्रणी माना जाता है, और बहुत से किसान के बेटे इस मिट्टी की कोख में पैदा होकर आज भारत माता की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। ये वो क्षेत्र है जहा से बहुत से माँ के लाल देश के लिए शहीद हुए हैं।
कभी कभी ज़िन्दगी हमें बहुत सारे जख्म देती है और हम सोचते हैं कि अब बस!! और न हो पायेगा हमसे!! फिर वक़्त आता है जब हम में से कुछ भाई अंतिम सत्य, मौत, को चुन लेते हैं और कुछ विषम जीवन से जूझने को ही अपना मुकाम बना लेते हैं।
जी! ऐसा कतई नहीं है कि ये खुद झेलकर खुदगर्ज हो जाये! हरगिज नहीं, ये वो शख्स होते हैं जो हर तरह के कांटो पर चलते हैं और वो मांझी होते है जो हर पत्थर को काट कर खुद भी आगे बढ़ते हैं और भावी मुसाफिरों के लिए भी रास्ता सुगम बनाते चलते हैं।
जी हाँ, मैं आज इस धरा के जिस सपूत की बात करने जा रही हूँ, माताजी की बीमारी के चलते उनका परिणय बाल उम्र में करना पड़ा, फिर खेलने खाने के दिनों में जब बच्चे पिताजी की पीठ पर झूलते हैं, उनको माताजी- पिताजी को कन्धा देना पड़ा। बहुत ही कठिन परिस्थितियों में बीता इनका बचपन जब एकतरफ जन्मदाता का सहारा खोने का ग़म तो दूसरी तरफ रिश्तेदारों के ताने, असहयोग, सामाजिक क्लेश और घर की जिम्मेदारियां, और बीच में एक अकेली नन्ही सी जान। कहा जाये? क्या करे? सब समझ के बाहर। अभी तो ठीक से आँखे खोलकर जीना भी नहीं सीखा था कि दुनियादारी के बोझ तले एक भोली सी मुस्कान का निर्मम क़त्ल हो चुका था। ऐसे में आवाज़ भी दे तो किसको? सुनने वाली सिर्फ एक मासूम शख्स जिसने खुद अभी तक होश नहीं सम्हाला था। हाँ वो थी इनकी जीवन-संगिनी, मेरी फूल सी भाभीजी।
मेरे तो लिखते हुए भी हाथ कापने लगे हैं; परन्तु आप तक अपने भाई के संघर्षो को पहुँचाना भी ज़रूरी है, जिन्होंने इन लम्हों को जीया है। क्योंकि वो एक ऐसा भाई है जो अपनी हर बहन के सुख दुःख में उनके साथ खड़ा होता है और हर भाई का सम्बल होता है। कितने ही भाई बहनो को इस इंसान ने खुद को सौपान बनाकर ऊपर के पायदान पर पहुँचाया है और वह भी बिना किसी लोभ/अहंकार/एहसान के नि:स्वार्थ भाव से।
इन सब के साथ एक और तबाही इनको झेलनी पड़ी जब इन्होने समाज सेवा के क्षेत्र में कदम रखा और वो थी पुलिस प्रशासन की वक्रदृष्टि, जिसकी वजह से इनको अनावश्यक कष्टों का सामना करना पड़ा। प्रशासन की तो जैसे ये आँख की किरकिरी बन चुके थे, हालाँकि आज वो सब इस इंसान की शख्शियत को सलाम करते हैं और संघर्षों का लोहा भी मानते हैं; परन्तु इन उजालों की राहे बहुत ही अँधेरी और खौफनाक थीं।
ऐसे इंसान का जिक्र न करना तो उनके कामों की भी तोहीन होगी और मानवता की भी। वैसे तो आप लोग अब तक जान ही चुके होंगे की मैं किस देवमानव की बात कर रही हूँ, क्योकि ये परिचय के मोहताज नहीं हैं, ये वो हैं-
“जो अंधेरी राहों में जुगनू और बेसहारों का सहारा है।जो बेजुबान की आवाज़ और खोई कश्तियों का किनारा है।।”
जी हाँ, वो हैं- हमारा देश, हमारे जवान संस्था के राज्य प्रभारी,कोशिश बेटी बचाओ संस्था के चेयरपर्सन,जीवनधारा मेड़िकल हेल्प संस्था के एड़मिन और मेरे भाई श्री #राजेश_मंगावा, राजेश कुमार मंगावा, जो ऐसे गाँव गोडावास, नीम का थाना, से आते हैं जहाँ से इनके पहले समाज सेवा के क्षेत्र में दूर दूर तक कोई नाम नज़र नहीं आता।
मुझे फक्र है अपने भाई पर क्योंकि इन्होने अपने अच्छे व समाज सेवा के कार्यों से गांव ही नहीं बल्कि पूरे सीकर जिले की युवा पीढ़ी के सामने एक मिशाल पेश की है कि हर तरह की कठिन परिस्थितियों से जूझने के बावजूद आप अच्छे इंसान बने रह सकते हैं और एक उदहारण पेश कर सकते हैं।
इन्होंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, रक्त दान एवं शहीद परिवारों की सहायता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर अपनी अलग पहचान बनायीं है।
साथ ही ये सब काम करते हुए व संघर्षो की राह पर तपते हुए, मेरे तर्कशील भाई ने अपनी लेखनी को भी संवारा है, परिपूर्ण लेखन शैली के धनी मेरे भाई के बारे में लिखने के लिए मेरे पास शब्द तो नहीं हैं और न ही मैं उनके जैसे इस कला में पारंगत हूँ, परन्तु फिर भी यह एक छोटी सी कोशिश है मेरी तरफ से।
राजेश मंगावा, ये वो नाम है जो आज सीकर के हर युवा की जुबान पर है, भारत की हर बेटी की पीड़ा से इनकी कलम वाक़िफ़ है। लेखन और समाज सेवा इनका प्रिय शगल है। यहाँ समाजिक उत्थान के हर नवाचार को इनकी कलम का सहारा ज़रूर मिलता है। इस प्रेरक व्यक्तित्व का यहाँ हर कोई कायल है।
बाकि मैं इतना ही कहूँगी कि हर पीड़ित की पुकार सुनने को तत्पर रहने वाले इस इंसान को जानने वाला हर शख्स सौभाग्यशाली है। ऐसे भाई से मिलकर मैं खुद में गौरवान्वित महसूस करती हूँ। दुआ यही है कि, लम्बे समय तक आप ऐसे ही आगे बढ़ते रहे और आने वाली पीढ़ी का मार्गदर्शन करते रहे।

Copyright © Rachana Dhaka
©रचना ढाका, सीकरB.A. LL.B. (Hons),LL.M. in Access to Justice from TISS, MumbaiFormer TISS Fellow.ब्रांड एम्बेसैडर- बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान।पूर्व महिला प्रदेशाध्यक्ष- अखिल भारतीय घुमंतु वेलफेयर संघ।संस्थापक- सहयोग फाउंडेशन।Writing from London … 🙏🙏

Published by Rachana Dhaka

I am a law student, a resilient defender of Human Rights, a nomad who loves to know about different cultures and connect them for the better future of mankind and loves to talk to people through poetry or with some write ups. And best of all i love to motivate people and spread happiness around :)

5 thoughts on “एक भाई ऐसा भी… Story of a brother who is always there for those who need him… Rajesh Mangawa from Sikar Rajasthan

  1. इनके द्वारा किए जा रहे कार्य के लिए इन्हें कोटि कोटि शुभकामनाएँ। ईश्वर इन्हें लम्बी उम्र दें।

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  2. बीते हुए कितने ही सालों में, हमनें हर तरह की परिस्थितियों का सामना किया| कभी गरीबी से गुजरना पड़ा तो कभी बीमारी से गुजरना पड़ा, कभी खुश रहे, कभी गम में रहे, कभी लड़ते रहे, कभी प्रेम से रहे, कभी अच्छे दिन आये तो कभी बुरे| और इन सब में भरपूर साथ व सहयोग दिया किसी ने, तो वो हो- तुम| ऐसा साथ, सहयोग, प्रेम, आदर, मान-सम्मान देने के लिए तहेदिल से शुक्रगुजार हूँ| आपका भविष्य उज्जवल रहें और तरक्की के शिखर तक पहुँचों तुम, बस यही दुआ करते है| अपने ब्लाॅग में मुझे जगह देने के लिए आपका बहुत-बहुत आभार,
    इस प्यार के लिए तहे-दिल से शुक्रियादा ❣️

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