Visible Positive Impact of Social Media सोशल मीडिया से सकारात्मक बदलाव

Here I am going to mention a story of the fact that though social media has be abused for spreading bad things or hatred but in the same way it has the potential to make the mark in people’s live and bring positive changes in the society at the same time. So it depends how we use the social media platform, it can actually be a medium of social awareness and connectivity as it has the potential to share the news with thousands of people in one second.

It is about the post I put when my family had taken a step forward to leave an example. Two days back I have share a post on my wall and at the blog here, about saying no to veil by my family and that post was shared by one of my Brothers on his facebook wall and the happiest part was that another family, of a soldier Mr Askhok Jakhar, From Kotri vlg, Neem Ka Thana, Sikar, had read that and immediately followed the action, by removing the restrictions of keeping veil, and asking them to be free to be the way they want to be to lead their happy life.

भाई #राजेश_कुमार_मंगावा कहते हैं – आपके एक शेयर करने से आपका कुछ नही जाएगा, लेकिन ये संदेश समाज के उस छोर तक पहुँच जाएगा जिसको वास्तव में “समाज में बदलाव लाने वाले हीरो” की जरूरत है || एक कविता तो सुनी ही होगी आपने कि “हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए| इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए | मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए | मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही, हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए || √ ये गर्व का विषय है कि आज हमारे कार्यों की चर्चा पूरे भारतवर्ष में हो रही है | यह आप जैसे प्रत्येक साथी की मेहनत और त्याग का परिणाम है | हमारे से जुड़ा प्रत्येक साथी महत्वपूर्ण है | हमारा हमेशा से यही उद्देश्य रहा है कि हमारे द्वारा किए गए कार्यों से समाज के अंतिम छोर तक बैठा व्यक्ति प्रभावित हो सके |
एक सैनिक का राष्ट्रनिर्माण में क्या योगदान होता है यह हम सब भली भांति जानते हैं| लेकिन एक सैनिक सेवानिवृत्ति के पश्चात भी बेहतर समाज के निर्माण में अपनी नैतिक जिम्मेवारी अदा करे तो परिणाम बेहतर आना लाजमी हैं | कल हमनें घूंघट प्रथा को अलविदा करने की एक पोस्ट आप सभी के बीच सांझा की थी | जो कि ग्राम बासनी (बैरास) से हमारी बहन #रचना_ढाका के परिवार द्वारा की गयी घूँघट हटाने की पहल के बारे में थीl आज उसी पोस्ट से प्रेरित होकर देश को एक सैनिक के तौर पर सेवायें देकर सेवानिवृत्त हो चुके नीमकाथाना उपखंड के कोटड़ा गाँव के नजदीक ढाणी मालुमसिंहवाला के भूतपूर्व जाबांज सिपाही श्री अशोक जाखड़ जी ने आगे आकर अपने परिवार से सभी महिलाओं को घूंघट से आजादी दी | समाज श्री अशोक जाखड़ जी जैसे जुगनुओं की रोशनी से चमकता है जो किसी का दर्द ले सके तो उधार जीना इसी का नाम है|
शिकायतें नहीं कोशिश कीजिये| हमारे छोटे- छोटे प्रयासों से सारी समस्या हल हो सकती है| बस प्रयास उस स्तर का होना चाहिए| आज के सामाजिक जन जागृति अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले श्री अशोक जाखड़ जी का बहुत शुक्रिया|

6 Comments

  1. Yes, the power of Internet is amazing. Just look at our budding friendship. 🙂 In any case, I’m truly glad that you inspired one family to be open minded. There will be others, I’m sure. Keep up the good work!

    Liked by 1 person

Leave a Comment

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s