गणतंत्र भारत ???


जबकि पूरा देश जल रहा है, देश का हर किसान और जवान रो रहा है, हर औरत डर रही है. सवाल लाज़िम है कि क्या हम वाक़ई, सभी व्यावहारिक अर्थों में, गणतंत्र रहे हैं कि नहीं?? एक बार इस सवाल पर फिर से विचार करने की ज़रूरत है.
जब एक चुनी हुयी सरकार जनता के सवालो से मुँह फेर ले, जब देश की आबादी का एक बड़ा भाग भूखा नंगा सड़क पर बिलखता रहे, जब देश की बच्चियों की देह नोचने वाले सरकार का हिस्सा बनकर खुद सुरक्षा पते रहे, अगर किसी ने अपराध किया हो और हुकूमत वाली पार्टी का हिस्सा बन जाये तो वह निर्दोष कहा जायेगा, जब कोई दंगो के संदिग्ध हुक्मरान बन कर बैठ जाएँ और वहां से सारे डाटा और दस्तावेज़ ही गयब करने की होड़ में लगे रहें, जब हुकूमत किसी निजी बन्दे के व्यवसाय को बढ़ने के लिए करदाताओं की खून पसीने की कमाई से विज्ञापन देने लगे, जब देश का जवान बिना युद्ध के ही शांति काल में भी लगातार शहीद होता रहे, जब देश का अन्नदाता बढ़ती संख्या में मरने लगे, जब अस्मिता लूटने के खौफ से सहमी हुयी बेटियों की सिसकिया हुकूमत तक पहुंचना बंद हो जाएँ, जब सड़क पर तिरंगे की आन बचाने आयी आबादी की चीख भी सोई हुकूमतों को न जगा सके, जब भीड़ की शक्ल में आकर भेड़िये किसी को धर्म, जाती, खान पान या सिंहासन के विरोध आवाज़ उठाने के नाम पर मार जायें और हमारे बंदूकधारी सिपाही कानून हाथ में लेकर आँखे फेर ले और कानून को बचने की शपथ भूल जाये, जब संविधान की सौगंध खाकर जनता के विश्वास को बनाये रखने का वादा करने वाली हुकूमते ही बोलती जनता के खून की प्यासी हो जायें तो आप क्या कहेंगे उसे गणतंत्र या अराजक तंत्र कहेंगे या कुछ और परन्तु फिलहाल सवाल ये है की हम सच्चे अर्थों में गणतंत्र बचे हैं की नहीं??
और दूसरा सवाल ये कि आगे इस गणतंत्र और संविधान को कैसे बचाना है? ताकि हम भारत के लोगो की आवाज़े सुनी जाती रहें.
जय हिन्द – जय भारत- जय गणतंत्र!!

Copyright: Rachana Dhaka

8 Comments

  1. An interesting question for citizens of any country that aspires to human rights and a clean government of, by, and for the people! Even in my country, the USA, the control of government by Trump and his thugs makes one wonder if there ever is a time one can let his participation in the political process fall down! Carved in stone above the main entrance of the US state of Nebraska’s State Capitol is this motto: SALVATION OF THE STATE IS WATCHFULNESS IN THE CITIZEN”. You clearly live that motto!

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  2. Unfortunately, the rulers forget that they were chosen to protect the law and give people security and quality of life. But corruption, the desire for power and greed can do more and forget their promises. Only the union of all in one cause is capable of changing the situation. I love reading you. I can know the feeling of a country as big as India.

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    1. Thanks for Understanding the feelings between the lines Sir!!

      I feel… We have to get the education like Ancient India when all were free to educate and debate like Gargi or Maitrayi… then our people will understand the right and wrong… the seeds sown by britishers are still giving fruits… and all the rulers (with exception of one-two) are trying to harvest it somehow. 😦

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