खून देकर इंसानियत रिश्ता बना रहा

बचपन में खिलौने कपडे दान तो बड़े होकर रक्तदान।

राजस्थान:
केवल महज युवावस्था लेकिन दान का महत्त्व मानों बचपन से जान लिया। बचपन में खिलौने कपडे तो बड़े होकर रक्तदान। रक्तदान करने के लिए वह खुद तो आगे आते हैं साथ ही वह दूसरों को भी उसके लिए प्रेरित करते हैं। ऐसे ही शख्स हैं राजेश कुमार मंगावा। उनका कहना है

राजस्थान सहित देश के प्रत्येक कोने में रहने वालों को कहीं भी रक्त की ज़रूरत पड़ती है तो वह एक मसीहा बनकर पहुंच जाते हैं। कभी दोस्तों के लिए कभी अजनबियों के लिए। ब्लड की दरकार चाहे रात में पड़े तो भी हॉस्पिटल तक लोगों को ले जाने में वह पीछे नहीं हटते। उनकी टीम भी उनके जैसे ही मुश्तैद रहती है।

पिछले दो सालों में वह लगातार किसी न किसी को रक्त दान करके मदद कर रहे हैं। उन्होंने इस दौरान खुद तो रक्त दान किया साथ ही दूसरे डोनर को भी तैयार किया।

राजेश बताते हैं कि अच्छा लगता है किसी जरूरतमंद की मदद करके। आप भी कीजिये अच्छा लगेगा। विश्व रक्तदान दिवस के दिन तो सभी लोग ब्लड डोनेट करते हैं मगर यह सिलसिला किसी एक दिन तक के लिए सीमित मत रखिये।

ब्लड बैंक में न करें ब्लड डोनेट

उन्होंने बताया कि वह व्हाट्सएप्प और फेसबुक के माध्यम से लोगो को जागरूक करते हैं। उनका मानना है कि ब्लड कैम्प में रक्त दान करके रक्त बर्बाद होता है। कैम्प की जगह आप किसी ज़रूरतमंद को समय से खून दे दें उससे आपको दुआ मिलेगी। ब्लड डोनेशन कैम्प में रक्त बर्बाद होता है।

रक्तदान के लाभ

.कोई स्वस्थ इंसान ब्लड डोनेट कर सकता है

.एक नई रिसर्च के मुताबिक नियमित ब्लड डोनेट करने से कैंसर व दूसरी बीमारियों के होने का खतरा भी कम हो जाता हैए क्योंकि यह शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है।

.ब्लड डोनेट करने के बाद बोनमैरो नए रेड सेल्स बनाता है। इससे शरीर को नए ब्लड सेल्स मिलने के अलावा तंदुरुस्ती भी मिलती है।

ब्लड डोनेशन सुरक्षित व स्वस्थ परंपरा है। इसमें जितना खून लिया जाता है वह 21 दिन में शरीर फिर से बना लेता है। ब्लड का वॉल्यूम तो शरीर 24 से 72 घंटे में ही पूरा बन जाता है।

रक्त दान की सावधानी

-मांस खाकर ना करें रक्तदान
-कोई दवा खा रहा है या फिर वीकनेस हो तो रक्त ना दान करें
-18 से 60 वर्ष की आयु के स्वास्थ्य व्यक्ति जिनका वजन 50 किलो से ऊपर होता हैए वो 450 मिली लीटर रक्त दान कर सकते हैं। पुरुष तीन महीने में एक बार और महिलाएं चार महीने में एक बार रक्त दान कर सकती हैं।

-ब्लड का किसी भी प्रकार से उत्पादन नहीं किया जा सकता और न ही इसका कोई विकल्प है।

-देश में हर साल लगभग 250 सीसी की 4 करोड़ यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ती है। सिर्फ 5ए00ए000 यूनिट ब्लड ही मुहैया हो पाता है।
-हमारे शरीर में कुल वजन का 7% हिस्सा खून होता है।

4 Comments

  1. Rakt Daan aur isaki prerana, bahut hee nek kaam ! राजेश कुमार  मंगवा जी को साधुवाद !

    हर किसी को प्रेरित करें रक्त दान के लिए 
    इससे  बेहतर कुछ नहीं जीवनदान के लिए 

    People are sure to be enthused by such Blogs.

    Liked by 1 person

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