” गर्भ से हैं। ” मैं कहें कि हम?? सोचो 🤔

कल एक ख़बर आई “अनुष्का शर्मा एंड विराट कोहली आर प्रैग्नेट”। सुंदर ख़बर थी। लेकिन इस पर भी ट्रोलर्स एक्टिव हुए। कुछ ने तस्वीर के पॉस्चर पर, कुछ ने कोरोना में आपदा में अवसर लिखकर और कुछ ने ख़बर की हेडलाइन पर। मीडिया कंपनी का भी मज़ाक उड़ाया कि पत्रकार ने नशे में ऐसी हेडलाइन लिखी होगी।

असल में यह लोग नहीं जानते कि पत्नी का साथ देना किसे कहते हैं। बच्चा पैदा करना सिर्फ पत्नी की ज़िम्मेदारी नहीं है। गर्भ शारीरिक रूप से भले सिर्फ पत्नी धारण करे लेकिन भावनात्मक रूप से पति भी उतना ही जुड़ा रहे जितनी पत्नी; यह इस समाज के लिए अभी नया है। पुरुषों के लिए ख़ासकर। उनके हिसाब से स्त्री ही गर्भवती होती है। व्यवहार में यही सच है किंतु निश्चय में नहीं।

तकनीकि रूप से भी देखें तो उन नौ माह में भावनात्मक जुड़ाव की वजह से पुरुषों के भी कई हॉर्मोंस में परिवर्तन होता है, उनको भी मूड स्विंग होता है, कइयों के कुछ ऐसे हॉर्मोंस भी बदलते हैं जो उनके स्तनों में कसाव महसूस कराएँ। इस बारे में कई सारी जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध है। मैंने अपनी क़िताब “मैं से माँ तक” में एक अध्याय ही लिखा है “प्रैग्नेंट पिता”। विदेशों में यह चलन है कि किसी की पत्नी जब गर्भवती होती है तो वे कहते हैं “we are expecting” या “we are pregnant”.

तो बंधुवर मज़ाक उड़ाने की जगह ख़ुश होइए कि आपका मीडिया एक ऐसी बात को बढ़ावा दे रहा है जो असल में समाज के लिए और स्त्रियों के लिए भावनात्मक रूप से ज़रूरी है। हर पति यदि सिर्फ बीज रोपण तक नहीं बल्कि बच्चे के जन्म से लेकर परवरिश तक ख़ुद को उतना ही इन्वॉल्व रखे मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से तो यह परोक्ष रूप से जीती गई समानता की एक लड़ाई होगी 😊

बहन मीना वर्मा की वाल से। ✍️

Published by Rachana Dhaka

I am a law student, a resilient defender of Human Rights, a nomad who loves to know about different cultures and connect them for the better future of mankind and loves to talk to people through poetry or with some write ups. And best of all i love to motivate people and spread happiness around :)

7 thoughts on “” गर्भ से हैं। ” मैं कहें कि हम?? सोचो 🤔

  1. शानदार पोस्ट , आप ने एक सुन्दर विमर्श का शुभारम्भ किया है / ऐसा नहीं है कि हम भारतीय इस विषय पर कही से भी पीछे रहे हैं और कहीं से भी ये एक नई थीम नहीं है / इतिहास सक्च्ची है , महाभारत में अभिमन्यु की कहानी , पाश्चात्य जगत अभी इसको अपडेट कर रहा है हमारा तो भारतीय संस्कार और साहित्य पहले से ही इस विषय पर अपडेट है कि पुरे गर्भावस्था में पिता को माँ के सानिध्य में गर्भस्थ शिशु को संस्कारित करना चाहिए / बहुत बहुत धनयवाद /

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