जागो मातृ शक्ति,जागो! — R K Karnani blog

जागो मातृ शक्ति,जागो! समय बीतता जाता फिर कब अपनी मिथ्या निद्रा से जागोगी रूढ़ी की जंजीरें तोड़कर कब हीन भावना से ऊपर उठ कब वरीयता समाज से मांगोगी ! क्यों इंतज़ार कर रही, कि कब राणा विष भेजना बंद करे कब अग्नि परीक्षा पर प्रतिबन्ध लगे सती प्रथा तो बंद हो गयी पर घर […] जागोContinue reading “जागो मातृ शक्ति,जागो! — R K Karnani blog”

Mx Dhananjay Chauhan जिंदगी का कुछ भरोसा नहीं कुछ हम बढ़े कुछ तुम बढ़ो ।

My Sister Says the following words– Translation follows by Rachana अभी भी उन्हीं रास्तों पे खड़े हैं We are standing on the same paths till now जहां से हम जुदा हुए थे । from where we have separated. कुछ गलत फहमियां इधर थी Some misunderstandings were this side कुछ उधर थी । and some wereContinue reading “Mx Dhananjay Chauhan जिंदगी का कुछ भरोसा नहीं कुछ हम बढ़े कुछ तुम बढ़ो ।”

माँ Mother – कवि भूपेंद्र Kavi Bhupendra

He is from Bhilwara, Rajasthan and writes about the current social issues. He says about mother that Maa I used to hide under the corner of your saree I want to hide but how to do that now? The pains of the entire world puzzles me I want to say something but how? You haveContinue reading “माँ Mother – कवि भूपेंद्र Kavi Bhupendra”