Bashir Bhadra says: बशीर भद्र की कुछ पंक्तियाँ- 1

Here I will just try to give you the word to word translation , as always, and to understand the meaning is your responsibility, since I do not want to interfere with the imagination of the poet. He says here that हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगेContinue reading “Bashir Bhadra says: बशीर भद्र की कुछ पंक्तियाँ- 1”

Padmshree Bashir Badr

The following information has been taken from his website (word by word) at http://www.bashirbadr.com/ At this website you can find anything you want to know about him, his ghazals or books or writings or life. Bashir Badr is the sovereign of modern Ghazals; his Ghazals are based on themes like love, passion, beauty as wellContinue reading “Padmshree Bashir Badr”

पद्मश्री बशीर भद्र

हिंदी में आपका जीवन परिचय कविता कोष नमक वेबसाइट के इस पते से लिया गया है –http://kavitakosh.org/kk/%E0%A4%AC%E0%A4%B6%E0%A5%80%E0%A4%B0_%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0_/_%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%AF डॉ. बशीर बद्र (जन्म १५ फ़रवरी १९३६) को उर्दू का वह शायर माना जाता है जिसने कामयाबी की बुलन्दियों को फतेह कर बहुत लम्बी दूरी तक लोगों की दिलों की धड़कनों को अपनी शायरी में उतारा है। साहित्यContinue reading “पद्मश्री बशीर भद्र”

आओ मन की गांठे खोले -अटल बिहारी वाजपयी lets remove the misunderstandings- A B Vajpayee

The great former PM of India Late Mr Atal Bihari vajpayee says here that At the beaches of Yamuna, at sand dunes, At the house made of grass on woods At the yards decorated with cow-dung Near the plant of Tulsi, listening the bell While the lines of Ramayana from mother’s mouth are spreading loveContinue reading “आओ मन की गांठे खोले -अटल बिहारी वाजपयी lets remove the misunderstandings- A B Vajpayee”

People break down in making a house लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में

बशीर बद्र @https://www.rekhta.org/ghazals/log-tuut-jaate-hain-ek-ghar-banaane-men-bashir-badr-ghazals?lang=hi Translation follows लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में तुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में और जाम टूटेंगे इस शराब-ख़ाने में मौसमों के आने में मौसमों के जाने में हर धड़कते पत्थर को लोग दिल समझते हैं उम्रें बीत जाती हैं दिल को दिल बनाने में फ़ाख़्ता की मजबूरी येContinue reading “People break down in making a house लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में”

कदम मिलाकर चलना होगा Atal Bihari Vajpayi

The former Pm of India Mr Atal Bihari was a great person as well as poet. He had written many amazing poems, and out of those one of my favourites is this one in the picture taken from internet– I will try to translate it and communicate the meaning as much as I can HeContinue reading “कदम मिलाकर चलना होगा Atal Bihari Vajpayi”

Dawn of the sad night- Neeraj शब-ए-ग़म की सहर: गोपालदास नीरज

English Translation follows एक जुग ब’अद शब-ए-ग़म की सहर देखी है देखने की न थी उम्मीद मगर देखी है जिस में मज़हब के हर इक रोग का लिक्खा है इलाज वो किताब हम ने किसी रिंद के घर देखी है ख़ुद-कुशी करती है आपस की सियासत कैसे हम ने ये फ़िल्म नई ख़ूब इधर देखीContinue reading “Dawn of the sad night- Neeraj शब-ए-ग़म की सहर: गोपालदास नीरज”

आग कुरेदोगे चिंगारी दामन तक तो आएगी

धर्म में लिपटी वतनपरस्ती क्या-क्या स्वांग रचाएगीमसली कलियाँ, झुलसा गुलशन, ज़र्द ख़िज़ाँ दिखलाएगी यूरोप जिस वहशत से अब भी सहमा-सहमा रहता हैखतरा है वह वहशत मेरे मुल्क में आग लगायेगी जर्मन गैसकदों से अबतक खून की बदबू आती हैअंधी वतनपरस्ती हमको उस रस्ते ले जायेगी अंधे कुएं में झूठ की नाव तेज़ चली थी मानContinue reading “आग कुरेदोगे चिंगारी दामन तक तो आएगी”

मकान House

कैफ़ी आज़मी — उपलब्ध– https://www.rekhta.org/nazms/makaan-aaj-kii-raat-bahut-garm-havaa-chaltii-hai-kaifi-azmi-nazms?lang=hi Translation follows आज की रात बहुत गर्म हवा चलती है आज की रात न फ़ुट-पाथ पे नींद आएगी सब उठो, मैं भी उठूँ तुम भी उठो, तुम भी उठो कोई खिड़की इसी दीवार में खुल जाएगी ये ज़मीं तब भी निगल लेने पे आमादा थी पाँव जब टूटती शाख़ों सेContinue reading “मकान House”

I am Alive: मैं ज़िंदा हूँ

साहिर लुधियानवी This was written by Sahir Ludhiyanvi, and taken from https://www.rekhta.org/poets/sahir-ludhianvi/ghazals?lang=hi English translation follows मैं ज़िंदा हूँ ये मुश्तहर कीजिए मिरे क़ातिलों को ख़बर कीजिए ज़मीं सख़्त है आसमाँ दूर है बसर हो सके तो बसर कीजिए सितम के बहुत से हैं रद्द-ए-अमल ज़रूरी नहीं चश्म तर कीजिए वही ज़ुल्म बार-ए-दिगर है तो फिरContinue reading “I am Alive: मैं ज़िंदा हूँ”